header logo image

राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्‍वविद्यालय, बीकानेर
Rajasthan University of Veterinary and Animal Sciences, Bikaner (Accredited by VCI and ICAR)

वेटरनरी विश्वविद्यालय कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने किया गौशाला प्रबंधकों एवं डेयरी संचालकों से संवाद

बीकानेर, 20 जनवरी। निदेशालय प्रसार शिक्षा, राजुवास बीकानेर एवं निदेशालय गोपालन, राजस्थान, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में पंजीकृत गौशालाओं के प्रबंधकों एवं डेयरी संचालकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को शुरू हुआ। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने गौशाला प्रबंधकों एवं डेयरी संचालकों से संवाद के दौरान गौशाला प्रबंधन के महत्व को बताया। कुलगुरु डॉ. सुमन्त व्यास ने कहा कि गौशाला का प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से होने से गौशालाओं को आर्थिक स्वावलंबन प्राप्त होगा। गौशालाओं में विभिन्न पत्रावलियों का संधारण बहुत आवश्यक है। उन्होने कहा कि गौशाला संचालकों को गौ-संवर्धन पर भी केन्द्रित होना चाहिए। गौ-उत्पादों के मूल्य संवर्धन, गोबर-गौमूत्र को प्रसंस्कृत करके उपयोग करने से भी गौशाला स्वावलम्बी हो सकती है। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने गौशालाओं में कृत्रिम गर्भाधान तथा गोबर गैस के उपयोगिता पर भी संवाद किया। निदेशक प्रसार शिक्षा प्रो. राजेश कुमार धूड़िया ने स्वागत उद्बोधन दिया और बताया कि राज्य सरकार की गौसंरक्षण एवं गौसंर्वधन हमेशा से प्रथामिकता रही है तथा वर्तमान में इसकी महत्तीेे आवश्यकता है। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व सीकर जिलों के 35 गौशाला संचालक एवं प्रबंधक भाग ले रहे है जिनको विषय विशेषज्ञो द्वारा उन्नत गौशाला प्रबंधन, देशी गौवंश एवं संरक्षण, देशी गौवंश स्वच्छता एवं आवास प्रबंधन, संतुलित आहार, वर्षभर हराचारा, वर्मी कम्पोस्ट, गोबर का मूल्य संवर्धन राज्य सरकार की डेयरी फार्म योजनाएं, गौनस्ल सुधार, पंचगव्य का महत्व आदि विषयों पर व्याख्यान के साथ-साथ आदर्श गौशाला एवं डेयरी भ्रमण करवाया जा रहा है। डॉ. देवीसिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। प्रशिक्षण सह-समन्वयक डॉ. संजय सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन किया।