बीकानेर 16 अप्रैल। भारतीय पशुचिकित्सा परिषद् (वी.सी.आई.), नई दिल्ली के प्रतिनिधि डॉ. डी. तानिगाईवेलू ने दो दिवसीय दौरे के दौरान पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर के विभिन्न विभागों, व्याख्यान कक्षों, प्रेक्षागृह, पशु अनुसंधान केन्द्रों, पुस्तकालय, क्लिनिकल कॉम्पलेक्स, छात्रावास आदि का अवलोकन किया एवं उपलब्ध सुविधाओं, संसाधनो, स्टाफ एवं कार्यविधि का वी.सी.आई. न्यूनतम पशुचिकित्सा मानक 2016 के आधार पर निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. तानिगाईवेलू ने वेटरनरी महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों हेतु शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों हेतु सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। डॉ. तानिगाईवेलू ने वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास से मुलाकात की एवं निरीक्षण के उपरान्त विश्वविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों एवं सुविधाओं की प्रशंसा की एवं सुदृढ़ीकरण हेतु अपने सुझाव साझा किये। डॉ. तानिगाईवेलू ने वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर के क्लिनिक्स को ऊंट चिकित्सा के क्षेत्र में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का सुझाव भी दिया। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने बताया कि विश्वविद्यालय पशु चिकित्सा के क्षेत्र में गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए स्मार्ट क्लास रूम, हाईटेक पुस्तकालय, विद्यार्थियों हेतु इंटरनेट सुविधा, आधुनिक चिकित्सा एवं डायग्नोस्टिक सुविधा, अत्याधुनिक तकनीकी प्रयोगशालाएँ, ई-गवर्नेंस प्रबंधन प्रणाली, विभिन्न शोध परियोजनाएं का क्रियान्वयन सहित किसानों एवं विद्यार्थियों हेतु एंटरप्रेन्योर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने वेटरनरी महाविद्यालयों के गरिमामय एवं पशुचिकित्सा के क्षेत्र में इस विश्वविद्यालय के राज्य में योगदान के बारे में भी अवगत करवाया। गौरतलब है कि निरीक्षण का प्रतिवेदन तैयार कर वी.सी.आई. नई दिल्ली को भिजवाया जायेगा। निरीक्षण के दौरान प्रो. बी.एन. श्रृंगी अधिष्ठाता वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर व प्रो. राजेश कुमार धूड़िया निदेशक प्रसार शिक्षा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।