बीकानेर 22 अप्रैल। राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पशु जैव विविधता संरक्षण केंद्र द्वारा बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस-2026 मनाया गया। इस वर्ष की थीम “प्लैनेट वर्सेस प्लास्टिक“ के अनुसरण में केंद्र की प्रभारी डॉ. रजनी अरोड़ा ने विद्यार्थियों को पर्यावरण और प्राकृतिक संपदा के संरक्षण का महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की। डॉ. रजनी अरोड़ा ने पृथ्वी दिवस मनाने के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि पृथ्वी को शुद्ध और सुरक्षित रखने का निरंतर प्रयास तथा प्रकृति और मानव के बीच का संतुलन ही हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रख सकता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों हेतु प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता की आयोजन भी किया गया जिसमें 38 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर जिज्ञासा राजपुरोहित, द्वितीय स्थान पर नरेश कुमार और तृतीय स्थान पर संयुक्त रूप से राजेंद्र सारण, नीरज कुमार, सीताराम रहे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. नरसी राम गुर्जर ने बताया कि हमें प्रकृति एवं जैव विविधता को बचाने के लिए प्लास्टिक के उपयोग पर निर्भरता न्यूनतम करनी होगी तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का ध्यान रखना होगा।