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राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्‍वविद्यालय, बीकानेर
Rajasthan University of Veterinary and Animal Sciences, Bikaner (Accredited by VCI and ICAR)

वेटरनरी विश्वविद्यालय प्रसार शिक्षा परिषद् की बैठक आयोजित

बीकानेर 07 मई। वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर की प्रसार शिक्षा परिषद् की 10वीं बैठक गुरुवार को कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक को सम्बोधित करते हुए कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि प्रसार शिक्षा निदेशालय के अन्तर्गत संचालित 9 पशु विज्ञान केन्द्रों एवं कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा राज्य के पशुपालकों के कौशल विकास हेतु आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, रोग निदान सेवाओं और कृषक सलाहकारी सेवाओं के माध्यम से राज्य के पशुपालकों एवं युवाओं को कौशल युक्त नवीन तकनीकों के हस्तांतरण का लाभ मिल रहा है। डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रसार गतिविधियों के माध्यम से पशुपालन को अधिक से अधिक बढावा देकर पशुपालकों को स्वालम्बन एवं उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। बैठक में निदेशक प्रसार शिक्षा राजुवास, बीकानेर प्रो. राजेश कुमार धूड़िया ने दो वर्षोें का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए सभी केन्द्रों द्वारा संचालित प्रसार गतिविधियों को विस्तृत रूप से बताया। बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए राजुवास मिनरल मिक्सचर एवं अन्य सामग्री के वितरण के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस दौरान विभिन्न पशु विज्ञान केन्द्रों पर ग्रीन इनिशिएटिव को बढावा देने तथा बिजली लागत को कम करने हेतु सोलर सिस्टम की स्थापना के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में राज्य में बकरी पालन को बढावा देने हेतु राजुवास, बीकानेर द्वारा बकरी मेला आयोजन पर भी चर्चा की गई जिसकी सभी सदस्यों ने सहमति जताई। कृषि विज्ञान केन्द्र, नोहर (हनुमानगढ़) द्वारा खुदरा उर्वरक विक्रय प्राधिकार हेतु 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन तथा राजस्थान के दक्षिणी क्षेत्र के घुमन्तु एवं अर्द्ध घुमन्तु पशुपालकों के महत्व और चुनौतियों पर चर्चा हेतु कार्यशाला के आयोजन आदि बिन्दुओं पर विचार विमर्श एवं अनुमोदन किए गए। बैठक में गौ संवर्धन को बढावा देने हेतु गोमूत्र एवं गोबर की उपयोगिता हेतु वर्मीकम्पोस्ट, गौकाष्ठ, दीपक आदि के प्रशिक्षणों को बढावा देने हेतु सुझाव प्रस्तुत किए गए। पशुपालन को बढावा देने हेतु पशु मित्रों को प्रशिक्षण देने के विषय पर चर्चा भी की गई इसके अतिरिक्त बकरी पालन को बढ़ावा देने एवं बकरी के दूध की पोषण वैल्यू के प्रति जागरूकता हेतु बकरी के दूध से चीज बनाने एवं दूध के विपणन की संभावना का सुझाव भी बैठक में दिया गया। बैठक के दौरान प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रकाशित वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25 व 2025-26, पशुपालन नये आयाम के नवीनतम अंक तथा सितम्बर माह में वेटरनरी महाविद्यालय, उदयपुर में आयोजित होने वाली वेटरनरी एक्सटेंसन की 11वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के ब्रोशर का विमोचन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव पंकज शर्मा, वित्त नियंत्रक विनोद कुमार यादव, डॉ. विक्रम व्यास (जोधपुर), डॉ. राजेश कुमार कसरीजा (लुधियाना), तुलछाराम सिंवर (जोधपुर), सत्यनारायण राठी (बीकानेर) उपस्थित रहे तथा डॉ. एस.के. सिंह (दुवासु, मथुरा), सुहास मनोहर (उदयपुर) ऑन-लाइन माध्यम से जुड़े। विश्वविद्यालय के डीन-डायरेक्टर, पशु विज्ञान केन्द्रों के प्रभारी अधिकारी, कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी बैठक में उपस्थित रहे।