बीकानेर 04 जून। राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर परिसर में गत रात्रि आई आंधी एवं तूफान से प्रभावित पक्षियों के लिए आपदा प्रबंधन तकनीकी केन्द्र द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आपदा प्रबंधन किये गये। केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक प्रो. प्रवीण बिश्नोई ने बताया की बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में आंधी एवं तूफान की प्राकृतिक आपदा से कई पक्षी मृत पाये गये। केंद्र के सहायक आचार्य डॉ. सोहेल मोहम्मद, शैलेन्द्र सिंह व अन्य सदस्यों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों से मृत पक्षियों को व्यवस्थित रूप से एकत्रित किया गया। सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरणीय स्वच्छता तथा जैव-सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी मृत पक्षियों का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया गया। ताकि संक्रमण, दुर्गंध अथवा पर्यावरणीय प्रदूषण की किसी भी संभावित आशंका को प्रभावी रूप से रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, पक्षियों की मृत्यु के कारणों के वैज्ञानिक परीक्षण एवं सत्यापन हेतु कुछ मृत तोतों के नमूनों को पोस्टमार्टम एवं आवश्यक प्रयोगशाला जांच के लिए भी भेजा गया है ताकि परिसर में जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सकें।