बीकानेर 19 जून। विश्वविद्यालय सामाजिक दायित्व के तहत पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर द्वारा गोद लिए गाँव बम्बलू में शुक्रवार को खेत बचाओं अभियान के अंतर्गत पशुपालन आधारित कृषि व मृदा संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अधिष्ठाता, वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर प्रो. बी.एन. श्रृंगी ने बताया की इस शिविर का उद्देश्य गोबर एवं पशु अपशिष्ट से जैविक खाद, मृदा की संरचना एवं जल धारण क्षमता में सुधार, फसल अवशेषो का समुचित प्रबंधन से अवगत करवाना रहा। शिविर में कार्यवाहक यू.एस.आर. समन्वयक डॉ. प्रवीन बानो ने किसानों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को विस्तार से बताते हुए कहा की पशुपालन आधारित कृषि में वर्मीकम्पोस्ट, बायोगैस स्लरी मृदा की उर्वरकता बढ़ाने में सहायक है जिससे किसानों को अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। इस शिविर आयोजन में हेतराम कूकणा, मनोज कुमार एवं अन्य ग्रामवासियों का सहयोग रहा।