बीकानेर, 17 सितम्बर। पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर में गुरुवार को लोकभवन, जयपुर के निर्देशानुसार “नशा मुक्त भारत अभियान“ के तहत नशा मुक्ति पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। व्याख्यान के मुख्य वक्ता नशा मुक्ति एवं पुनर्वास विशेषज्ञ डॉ. हरमीत सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर प्रो. बी.एन. श्रृंगी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश का मुख्य आधार है, इसलिए यह बेहद जरूरी है कि वे किसी भी प्रकार की नशे की लत से पूरी तरह दूर रहें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों, शिक्षा और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में लगाएं, क्योंकि एक स्वस्थ, नशा-मुक्त और जागरूक युवा ही सशक्त व समृद्ध भारत की असली नींव का निर्माण करता है। मुख्य वक्ता हरमीत सिंह ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन द्वारा विद्यार्थियों को नशे के प्रकार, कारक, नशे की विभिन्न अवस्थाओं एवं नशा मुक्ति के लिए आवश्यक बिन्दुओं की जानकारी प्रदान करते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. पंकज कुमार थानवी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि नशा विनाश का द्वार है अतः विद्यार्थी वर्ग को नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होने कहा की नशा मुक्ति से युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित होती है और समाज को एक नई दिशा मिलती है। इस दौरान डेयरी महाविद्यालय, बीकानेर में नशा मुक्ति पर आयोजित पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान मंच का संचालन डॉ. अशोक गोड़ द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संकाय सदस्य, कर्मचारी एवं वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर तथा डेयरी महाविद्यालय, बीकानेर के विद्यार्थी उपस्थित रहे।