बीकानेर, 06 अक्टूबर। वेटरनरी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट एंड हेल्थ द्वारा वन्यजीव सप्ताह 2026 के अंतर्गत गांव बम्बलू एवं कतरियासर में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वन्यजीव सप्ताह का आयोजन 2 से 8 अक्टूबर तक किया जा रहा है। केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक डॉ. जे.पी. कच्छावा ने वन्यजीव सप्ताह के महत्व को बताते हुए कहा कि वन्यजीव सप्ताह केवल एक सप्ताह तक चलने वाला आयोजन नहीं, बल्कि वन्यजीवों एवं प्रकृति के संरक्षण के प्रति समाज में निरंतर जागरूकता और जिम्मेदारी विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा इनके संरक्षण के लिए स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों, पशु चिकित्सकों एवं विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग या विशेषज्ञों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में डॉ. प्रियंका राठौड़ ने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।