बीकानेर, 23 फरवरी। पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट निस्तारण तकनीकी केंद्र, राजुवास, बीकानेर द्वारा बीकानेर संभाग के विभिन्न पशु चिकित्सालयों व पशु उपकेन्द्रों पर कार्यरत पशुधन निरीक्षकों का जैव अपशिष्ट के उचित प्रबंधन और निस्तारण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप चौधरी अतिरिक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, क्षेत्र बीकानेर ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पशुओं के रोग निदान और उपचार कार्यों में चिकित्सकीय अपशिष्ट का सही निस्तारण मानव और पशु जगत के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है साथ ही उन्होने सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कार्याे को अन्य पशु चिकित्सकों, पशुधन सहायकों, संबन्धित स्टाफ एवं प्रयोगशाला सहायक तक जन जागरूकता के रूप में पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए केन्द्र की प्रमुख अन्वेषक डॉ. दीपिका धूड़िया ने कहा कि जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट के उचित निस्तारण एवं प्रबंधन के प्रति जागरूगता वर्तमान परिपेक्ष्य में अति आवश्यक हो गई है। पशुचिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को इसका प्रायोगिक ज्ञान होना बहुत आवश्यक है ताकि वे स्वयं को एवं समाज को संक्रामक बीमारियों के प्रकोप से बचा सके तथा वातावरण को प्रदूषित होने से भी बचा सके। केन्द्र के सह- अन्वेषक डॉ. देवेंद्र चौधरी ने पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट के पृथक्करण का प्रायोगिक विवरण दिया एवं डॉ. वैशाली, सहायक आचार्य ने पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट के निस्तारण विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। इस प्रशिक्षण समारोह में डॉ. हेमलता का सहयोग रहा। प्रशिक्षण के समापन पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये।