बीकानेर, 24 जनवरी । राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के पशु जैव विविधता संरक्षण केंद्र की प्रभारी अधिकारी डॉ. रजनी अरोड़ा के निर्देशन में शुक्रवार एवं शनिवार को सीकर जिले में स्थित दशरथ मनोविकास संस्थान व नई-दिशा संस्थान (एनजीओ) के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। केन्द्र के डॉ नरसी राम गुर्जर ने दशरथ मनोविकास संस्थान में मूक-बधिर बच्चों को उनके शिक्षकों के सहयोग से सांकेतिक भाषा में जैव विविधता का महत्व समझाया। बच्चों को बताया गया कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता के लिए शब्दों की नहीं, बल्कि भावनाओं और सही सोच की आवश्यकता होती है। इसके पश्चात नई दिशा संस्थान में भी जागरूकता अभियान के तहत जैव विविधता संरक्षण को लेकर ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र द्वारा प्रकाशित जैव विविधता एक परिचय और गोडावण संरक्षण विषय पर पंपलेट वितरित किए गए, ताकि छात्र इस संदेश को घर-घर पहुँचा सकें। दो दिवसीय कार्यक्रम में 85 छात्र – छात्राएं उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के आयोजन में दशरथ मनोविकास संस्थान के सचिव धर्मेंद्र कुमार, शिक्षक रामनिवास, पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. पार्वती शर्मा ,मन्नालाल नई-दिशा संस्थान के सचिव निमेष कुमार, कोशिश प्रसाद शर्मा, महेश गुर्जर, रोहिताश यादव ,और अन्य का भी सहयोग रहा।