बीकानेर 24 फरवरी। पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट निस्तारण तकनीकी केंद्र, राजुवास, बीकानेर में पशुपालन विभाग, बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चुरू व बीकानेर जिले के विभिन्न पशु चिकित्सालयों व पशु उपकेन्द्रों पर कार्यरत पशुधन सहायकों का पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट के उचित प्रबंधन और निस्तारण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मंगलवार को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए केन्द्र की प्रमुख अन्वेषक डॉ. दीपिका धूडिया ने कहा कि रोग निदान और उपचार कार्यों में चिकित्सकीय अपशिष्ट का सही निस्तारण मानव और पशु जगत के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है और हमें बॉयोमेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण के साथ साथ आस पास की स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए ताकि मानव व पशुओं को संक्रामक रोगों से बचा सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में केन्द्र के सह-अन्वेषक डॉ. देवेंद्र चौधरी ने पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट के पृथक्करण का प्रायोगिक विवरण दिया। डॉ. वैशाली, सहायक आचार्य ने पशुधन सहायकों को बताया कि पशुओं के रोग निदान और उपचार कार्यों में चिकित्सकीय अपशिष्ट के सही निस्तारण से बहुत सी संक्रामक बीमारियों पर काबू पा सकते है। प्रशिक्षण समारोह में डॉ. हेमलता ने भी अपना सहयोग दिया। प्रशिक्षण के समापन पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये ।