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राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्‍वविद्यालय, बीकानेर
Rajasthan University of Veterinary and Animal Sciences, Bikaner (Accredited by VCI and ICAR)

राजुवास को मिला एक और पेटेंट ऊंटनी के दूध में अन्य प्रजाति के पशु के दुध की मिलावट डी.एन.ए. कीट से संभव

बीकानेर, 22 अगस्त। राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के वैज्ञानिकों द्वारा ऊंटनी के दूध में गाय अथवा भैंस के दूध की मिलावट की पहचान के लिए अभिनव तकनीक विकसित की गई है, जिसे भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा पेटेंट प्रदान किया गया है। यह पेटेंट डॉ. अमित कुमार पाण्डेय, डॉ. प्रमोद मोहता, प्रो. बी.एन. श्रृंगी, स्व. डॉ. सुनील माहेरचंदानी, डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. कृतिका गहलोत, डॉ. चैत्री शर्मा तथा डॉ. वेद प्रकाश के लम्बे समय से शोध परिणाम का प्रमाण है। ऊंटनी के दूध की बढ़ती मांग के साथ उसकी शुद्धता और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए सरल, तीव्र एवं उपयोगी जांच विधियों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित यह डी.एन.ए. किट तकनीक ऊंटनी के दूध में अन्य प्रजाति के दूध की मिलावट की पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित यह अनुसंधान प्रयोगशाला से आगे बढ़कर पशुपालकों, उपभोक्ताओं तथा संबधित उद्योगो के लिए उपयोगी तकनीक के रूप में विशेष महत्व की साबित होगी। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने इस पेटेंट हेतु संबधित वैज्ञानिकों को शुभकामनायें और बधाई दी तथा भविष्य में शोध की गुणवत्ता एवं उपयोगिता बढ़ाने हेतु कहा।