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राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्‍वविद्यालय, बीकानेर
Rajasthan University of Veterinary and Animal Sciences, Bikaner (Accredited by VCI and ICAR)

वेटरनरी विश्वविद्यालय “खेत बचाओ अभियान“ के तहत कतरियासर गाँव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बीकानेर 30 जून। वेटरनरी विश्वविद्यालय के डेयरी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, बीछवाल द्वारा गोद लिये गये गाँव कतरियासर में कुलगुरु डॉ. सुमन्त व्यास के निर्देशन में खेत बचाओ अभियान के तहत मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. राजेश कुमार धूड़िया, निदेशक प्रसार शिक्षा ने किसानों को जैविक खाद के अधिक से अधिक उपयोग करने हेतु प्रेरित किया ताकि खेतों में किटनाशकों के अनुचित उपयोग से मनुष्य एवं मृदा पर होने वाले दुष्प्रभावों से बचाव किया जा सके। प्रो. राजेश कुमार धूड़िया ने पशुपालकों को विश्वविद्यालय एवं राज्य सरकार की विभिन्न पशुपालन योजनाओं से भी अवगत करवाना ताकि इन योजनाओं के समुचित लाभ से पशुपालक लाभान्वित हो सके। कार्यक्रम के दौरान प्रो. राहुल सिंह पाल, अधिष्ठाता डेयरी महाविद्यालय, बीकानेर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा की माननीय प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 की कल्पना को साकार करने के लिए किसानों को खुशहाल व समृद्ध बनना होगा। इसके लिए जरूरी है उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती पद्धतियां अपनाने तथा समय-समय खेतों में मृदा परीक्षण करवाने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विषय विशेषज्ञ डॉ. सुशील खारिया, सहायक आचार्य एस.के.आर.ए.यू. बीकानेर ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कृषि अधिकारी श्रीमती संगीता मेहता कृषि विभाग, बीकानेर किसानों को राज्य सरकार की कृषि योजनाओं की जानकारी प्रदान की। कतरियासर गांव के सरपंच प्रतिनिधि एवं समाजसेवी श्री सुरजाराम ने खेत बचाओ अभियान के तहत उपस्थित अधिकारियों व किसानों का स्वागत किया तथा किसानों को जिम्मेदारी से काम करने का अनुरोध किया ताकि खेतों को बचाया जा सके। इस कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. सुनील कुमार ने आगंतुकों को धन्यवाद देते हुए किसानों से अपील की कि वे विषय विशेषज्ञों द्वारा बताई गई जानकारी को आत्मसात करके इससे लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित कृषि पर्यवेक्षक श्री धर्माराम, डॉ. रीटा, डॉ. संजय सिंह व डॉ. सोनिया मोर का कार्यक्रम आयोजन में सहयोग रहा। इस कार्यक्रम में 120 महिला एवं पुरुष किसानों उपस्थित रहे।