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राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्‍वविद्यालय, बीकानेर
Rajasthan University of Veterinary and Animal Sciences, Bikaner (Accredited by VCI and ICAR)

वेटरनरी विश्वविद्यालय जैव विविधता संरक्षण केंद्र द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

बीकानेर 31 जनवरी। राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के पशु जैव विविधता संरक्षण केंद्र द्वारा शनिवार को बीकानेर जिले के बेरोजगार युवाओं, स्वयंसेवकों और पशु मित्रों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पशु जैव विविधता संरक्षण केंद्र की प्रभारी अधिकारी डॉ. रजनी अरोड़ा ने बताया कि प्राकृतिक विरासत की रक्षा और मानव-पर्यावरण के बीच संतुलन विकसित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के टीचिंग एसोसिएट डॉ. नरसी गुर्जर ने मरुस्थलीय जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की बारीकियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने युवाओं को इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रेगिस्तान की विशिष्ट जैव विविधता को बचाने में युवाओं और स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। डॉ. स्नेहा चौधरी ने पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के व्यवहारिक तरीके साझा किए। जागरूकता अभियान के तहत केंद्र द्वारा प्रतिभागियों को पशु और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित प्रचार सामग्री भी वितरित की गई। कार्यक्रम में कुल 18 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संरक्षण कार्यों में सहयोग का संकल्प लिया।